कक्षा 10 · विज्ञान

प्रकाश — परावर्तन तथा अपवर्तन

प्रकाश सीधी रेखा में चलता है और किसी सतह से टकराने पर दिशा बदलता है। इस अध्याय में परावर्तन के नियम, गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब, दर्पण सूत्र, अपवर्तन, लेंस सूत्र, आवर्धन तथा लेंस की क्षमता शामिल हैं।

समाधान

Q1. Question 1 — Concave Mirror Image

एक वस्तु किसी अवतल दर्पण के सामने 30 cm दूरी पर रखी है जिसकी फोकस दूरी 15 cm है। प्रतिबिंब की स्थिति और प्रकृति ज्ञात कीजिए।

चिह्न परिपाटी के अनुसार: u = −30 cm और f = −15 cm। दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f 1/v = 1/f − 1/u = (−1/15) − (−1/30) = −1/15 + 1/30 = −1/30 अतः v = −30 cm। ऋण चिह्न दर्शाता है कि प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30 cm पर बनता है, इसलिए वह वास्तविक और उल्टा है। आवर्धन: m = −v/u = −(−30)/(−30) = −1, अतः प्रतिबिंब वस्तु के बराबर आकार का है। यहाँ वस्तु वक्रता केंद्र (R = 2f = 30 cm) पर है, जो बराबर आकार का वास्तविक प्रतिबिंब देता है।

सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f; m = −v/u; f = R/2

अंतिम उत्तर: प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30 cm पर बनता है; यह वास्तविक, उल्टा और वस्तु के बराबर आकार का है।

सामान्य गलती: अवतल दर्पण के लिए u और f को ऋणात्मक न लेना।

परीक्षा टिप: मान रखने से पहले चिह्न परिपाटी लिखिए — अधिकांश गलतियाँ चिह्न की होती हैं।

Q2. Question 2 — Power of a Lens

किसी अवतल लेंस की फोकस दूरी 25 cm है। उसकी क्षमता ज्ञात कीजिए।

अवतल (अपसारी) लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक ली जाती है। f = −25 cm = −0.25 m लेंस की क्षमता: P = 1/f, जहाँ f मीटर में हो। P = 1/(−0.25) = −4 D ऋण चिह्न दर्शाता है कि लेंस अपसारी है।

सूत्र: P = 1/f (f मीटर में); मात्रक = डाइऑप्टर (D)

अंतिम उत्तर: P = −4 D (ऋण चिह्न अवतल/अपसारी लेंस दर्शाता है)।

सामान्य गलती: फोकस दूरी को cm में रखना, जिससे उत्तर 100 गुना बड़ा आ जाता है।

परीक्षा टिप: पहले cm को m में बदलिए, और चिह्न मत छोड़िए — यह लेंस का प्रकार बताता है।

Q3. Question 3 — Convex Mirror as Rear-view Mirror

वाहनों में समतल दर्पण के स्थान पर उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में क्यों पसंद किया जाता है?

उत्तल दर्पण, वस्तु की स्थिति चाहे जो हो, सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब छोटा होने से वाहन के पीछे का बड़ा क्षेत्र छोटे दर्पण में आ जाता है, अर्थात् समान आकार के समतल दर्पण की तुलना में उत्तल दर्पण बहुत अधिक चौड़ा दृश्य क्षेत्र देता है। प्रतिबिंब सीधा रहता है, इसलिए चालक पीछे के ट्रैफ़िक को सीधा देखता है। इन्हीं कारणों से उत्तल दर्पण का प्रयोग होता है।

अंतिम उत्तर: क्योंकि यह सदैव सीधा, छोटा आभासी प्रतिबिंब बनाता है और समतल दर्पण से अधिक चौड़ा दृश्य क्षेत्र देता है।

सामान्य गलती: यह कहना कि उत्तल दर्पण प्रतिबिंब को बड़ा करता है — यह सदैव छोटा करता है।

परीक्षा टिप: दोनों बातें लिखिए: चौड़ा दृश्य क्षेत्र और सीधा आभासी प्रतिबिंब।

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